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काशी विश्वनाथ लोकार्पण द्वारा आगे की राह

इसमें कोई गुंजाइश नहीं कि काशी विश्वनाथ धाम लोकार्पण उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 की दिशा का निर्धारण करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्रपति शिवाजी और महाराजा सुहेलदेव का नाम लेना स्पष्ट रूप से इन दोनों समुदायों के लोगों को दिया गया संदेश है जो आने वाले चुनाव में असरकारक होंगे.  काशी विश्वनाथ मंदिर और अयोध्या का राम मंदिर दोनों के निर्माण की समय सीमा चुनाव के आसपास की ही है .राम मंदिर का निर्माण भी लोकसभा चुनाव 2024 के पहले कर लिया जाएगा यानी भाजपा अपने हिंदुत्व को और धारदार बनाने में लगी है और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए इन दोनों स्थानों के प्रोजेक्ट को समयानुसार पूरा कर अपनी राजनीतिक मंशा द्वारा धार्मिक आस्था को वोट बैंक का रूप दे रही है . विपक्ष इसे चुनावी तैयारी के रूप में देखता है और विरोध के सुर भी धीरे-धीरे तेज हो रहे हैं सतर्कता बस इतनी ही बरतनी है कि धार्मिक आस्था का सम्मान हो अन्यथा हाशिए पर जाते देर नहीं लगती . राजनीति की बातें तो होती रहेंगी. ऐतिहासिक विरासत की दृष्टि से देखें तो सरकार द्वारा इस प्रकार का उठाया गया कदम तारीफ ए काबिल है . इस प्रकार के धार्मिक ...